
गढ़चिरोली/ भिलाई/ सिहोर
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच तथा एकता सामाजिक शिक्षण संस्था गडचिरोली द्वारा देश दुनियाँ की शांति व समृद्धि हेतु प्रकृति वंदन सृष्टि पूजन कार्यक्रम अंतर्गत विगत अनेक वर्षों से 25 अगस्त से 2 अक्तूबर तक सवामास पीपल बरगद नीम पौधारोपण अभियान चलाया जाता है जिसका इस साल का शुभारंभ संगठन के अंतरराष्ट्रीय संयोजक एवं संस्थापक विश्व शांतिदूत प्रकाश आर अर्जुनवार के जन्मदिन अवसर पर 25 अगस्त को संगठन मुख्यालय गडचिरोली में महाविघालयीन छात्र छात्राओं प्राध्यापकों तथा भिलाई छत्तीसगढ़ में सैनिको तथा छात्र छात्राओं प्राध्यापकों व सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा एवं सिहोर मध्य प्रदेश के न्यायालय परिसर में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच के मध्य प्रदेश कर्मचारी अधिकारी प्रकोष्ठ के संयोजक श्री सुरेश सोलंकी जी द्वारा पीपल बरगद नीम पौधारोपण कर अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
ज्ञात हो महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच द्वारा पीछले अनेक वर्षों से 2012 से प्रत्येक वर्ष 25 अगस्त से 2 अक्तूबर तक विश्व शांति, समृद्धि एवं सुदृढ़ स्वास्थ्य के लिए देश दुनिया में पीपल बरगद नीम पौधारोपण अभियान चलाया जाता है।
हर साल पौधारोपण अभियान विश्व शांतिदूत प्रकाश आर अर्जुनवार के जन्मदिन अवसर से प्रारंभ किया जाता है और महात्मा गांधी जी की जयंती 2 अक्तूबर तक देश दुनिया के अनेकों राज्यों, शहरों एवं गांवों में पर्यावरण की समृद्धि व संतुलन बनाए रखने हेतु पीपल बरगद नीम पौधारोपण कर अभियान को सफल किया जाता है।
इसी कार्यक्रम अभियान के तहत गडचिरोली महाराष्ट्र तथा भिलाई छत्तीसगढ़ से पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया गया है।
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच के छत्तीसगढ़ इकाई अध्यक्ष दिनेश पटेल, रचनात्मक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ श्री मनोज ठाकरे, पर्यावरण संयोजक श्री बालूराम वर्मा के मार्गदर्शन में तथा गडचिरोली में एकता सामाजिक शिक्षण संस्था गडचिरोली की अध्यक्ष मीना परिमल की अध्यक्षता में इंदिरा गाँधी महाविद्यालय तथा इंदिरा गाँधी कनिष्ठ विज्ञान महाविघालय गडचिरोली द्वारा वरिष्ठ प्राध्यापक राजन बोरकर, प्राचार्य महेश देशमुख, सुनील गोंगले, प्रा विशाल भाँडेकर, प्रा हर्षल गेडाम, प्रा मनीषा एलमुलवार, प्रा. हर्षाली मड़ावी, प्रा प्रियंका चापले तथा छात्र छात्राओं द्वारा शासकीय विज्ञान महाविज्ञालय गडचिरोली के समीप जंगल में पौधारोपण किया गया।